<p><b><span style="font-size: 24px;">भ्रष्टाचार की बानगी: चंदौली के अलीपुर भगड़ा गांव में घटिया निर्माण सामग्री से हो रहा RCC कार्य, ग्रामीणों ने की जांच की मांग</span></b></p><p><br></p><p><b>चकिया (चंदौली)। </b><span style="background-color: rgb(255, 255, 0);">जिले के चकिया ब्लॉक अंतर्गत अलीपुर भगड़ा गांव में एक बार फिर सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का ताजा मामला उजागर हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में हो रहे RCC निर्माण कार्यों में ग्राम प्रधान द्वारा घटिया और मानकविहीन सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।</span></p><p><br></p><p><span style="background-color: rgb(255, 0, 0);"><font color="#ffff00">ग्रामीणों द्वारा जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क निर्माण कार्य में प्रयुक्त बालू, सीमेंट और गिट्टी की गुणवत्ता बेहद खराब है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मानक के अनुरूप न तो सीमेंट की मात्रा डाली जा रही है और न ही सही किस्म की बालू का उपयोग हो रहा है। यह निर्माण कार्य केवल औपचारिकता पूरी करने जैसा प्रतीत हो रहा है, जिससे सड़क की मजबूती पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है।</font></span></p><p><br></p><p>स्थानीय निवासी अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि, "यह निर्माण अगर ऐसे ही चलता रहा तो दो-तीन महीने में ही पूरी सड़क टूटकर बिखर जाएगी। हमने जब ग्राम प्रधान से इस पर आपत्ति जताई तो उन्होंने हमारी बात को अनसुना कर दिया।"</p><p><br></p><p>गांव के अन्य लोगों ने भी निर्माण कार्य में अनियमितता को लेकर आवाज उठाई और उच्चाधिकारियों से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।</p><p><br></p><p>भ्रष्टाचार की बानगी: चंदौली के अलीपुर भगड़ा गांव में घटिया निर्माण सामग्री से हो रहा RCC कार्य, ग्रामीणों ने की जांच की मांग</p><p><br></p><p>चकिया (चंदौली)। जिले के चकिया ब्लॉक अंतर्गत अलीपुर भगड़ा गांव में एक बार फिर सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का ताजा मामला उजागर हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में हो रहे RCC निर्माण कार्यों में ग्राम प्रधान द्वारा घटिया और मानकविहीन सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।</p><p><br></p><p>ग्रामीणों द्वारा जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क निर्माण कार्य में प्रयुक्त बालू, सीमेंट और गिट्टी की गुणवत्ता बेहद खराब है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मानक के अनुरूप न तो सीमेंट की मात्रा डाली जा रही है और न ही सही किस्म की बालू का उपयोग हो रहा है। यह निर्माण कार्य केवल औपचारिकता पूरी करने जैसा प्रतीत हो रहा है, जिससे सड़क की मजबूती पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है।</p><p><br></p><p>स्थानीय निवासी अरविंद कुमार मौर्या ने बताया कि, "यह निर्माण अगर ऐसे ही चलता रहा तो दो-तीन महीने में ही पूरी सड़क टूटकर बिखर जाएगी। हमने जब ग्राम प्रधान से इस पर आपत्ति जताई तो उन्होंने हमारी बात को अनसुना कर दिया।"</p><p><br></p><p>गांव के अन्य लोगों ने भी निर्माण कार्य में अनियमितता को लेकर आवाज उठाई और उच्चाधिकारियों से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।</p><p><br></p><p><span style="background-color: rgb(255, 255, 0);"><font color="#0000ff">इस बीच, जनपद के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) को जांच के निर्देश दिए हैं। CDO ने कहा कि, "यदि निर्माण कार्य में गड़बड़ी पाई गई तो कार्य को तत्काल रोका जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"</font></span></p><p><br></p><p>यह मामला न केवल एक गांव विशेष की समस्या है, बल्कि यह बताता है कि सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति भ्रष्टाचार के मामलों में जमीन पर कितना प्रभावशाली साबित हो रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी जल्दी और कितनी कड़ाई से कार्रवाई करता है। बीच, जनपद के मुख्य विकास <font color="#ffff00" style="background-color: rgb(255, 0, 0);">अ</font><span style="color: rgb(255, 255, 0); background-color: rgb(255, 0, 0);">धिकारी </span><span style="color: rgb(255, 255, 0); background-color: rgb(0, 0, 255);">(CDO)</span><span style="color: rgb(255, 255, 0); background-color: rgb(255, 0, 0);"> ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी </span><span style="background-color: rgb(0, 255, 0);"><font color="#0000ff">(BDO) </font></span><span style="color: rgb(255, 255, 0); background-color: rgb(255, 0, 0);">को जांच के निर्देश दिए हैं। </span><span style="color: rgb(255, 255, 0); background-color: rgb(0, 0, 255);">CDO</span><span style="color: rgb(255, 255, 0); background-color: rgb(255, 0, 0);"> ने कहा कि,</span> "यदि निर्माण कार्य में गड़बड़ी पाई गई तो कार्य को तत्काल रोका जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"</p><p><br></p><p>यह मामला न केवल एक गांव विशेष की समस्या है, बल्कि यह बताता है कि सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति भ्रष्टाचार के मामलों में जमीन पर कितना प्रभावशाली साबित हो रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी जल्दी और कितनी कड़ाई से कार्रवाई करता है।</p>