<p> </p><p><br></p><p>चुनार, मिर्जापुर चीफ ब्यूरो कमलेश कुमार सिंह </p><p>जनपद मिर्जापुर के चुनार क्षेत्र के बन इमिलियां गांव में रविवार को गरीब किसान सेवा समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। बैठक में किसानों ने जरगो जलाशय से फैलते जल के कारण अपनी पुश्तैनी जमीन के डूबने पर गंभीर चिंता जताई।</p><p><br></p><p>बैठक के दौरान किसानों ने बताया कि जरगो जलाशय में जल स्तर बढ़ने के कारण पहले तो केवल बुड की जमीन ही डूबती थी, लेकिन अब राजस्व अभिलेखों में दर्ज उनकी पुश्तैनी जमीनें भी जलमग्न हो रही हैं। इससे उनकी फसलें नष्ट हो रही हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जब उन्होंने इस समस्या की शिकायत सिंचाई विभाग से की तो अधिकारियों ने उनकी जमीन को जलाशय क्षेत्र का हिस्सा बताते हुए उन्हें फटकार लगा दी और खेती करने से रोक दिया।</p><p><br></p><p>किसानों का स्पष्ट कहना है कि जब जमीन उनके नाम पर है और वह वर्षों से खेती कर रहे हैं, तो उनकी फसल नष्ट होने पर उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए। परंतु सिंचाई विभाग की अनदेखी से किसानों में आक्रोश है।</p><p><br></p><p>इस बैठक में सैकड़ों किसानों ने अपनी व्यथा साझा की। उपस्थित किसानों में दौलत सिंह, मोतीपाल, कन्हैया पटेल, आनंद सिंह, संजय सिंह, माया पाल, दशरथ, प्रेमनाथ, बुझारत पाल, कन्हैया पाल, सुरेंद्र सिंह, लुकलुक सिंह, बड़ेलाल पाल, नारायण भरती सहित कई अन्य ग्रामीण शामिल रहे।</p><p><br></p><p>किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका बची रह सकेl |</p>