<h3><br></h3><p><strong><span style="font-size: 24px;">सवा सात वर्ष पुराने अपहरण प्रकरण में दोषी सुरेश को 5 वर्ष की कठोर कैद, 5 हजार रुपये अर्थदंड</span></strong></p><p><strong><span style="font-size: 18px;">जन-पत्रकार संवाददाता सोनभद्र </span></strong></p><p><strong><span style="font-size: 18px;">अवधेश कुमार गुप्ता</span></strong></p><p><b>सोनभद्र</b>। <span style="background-color: rgb(255, 255, 0);">अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने गुरुवार को नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में दोषी सुरेश पुत्र भगवान दास निवासी सरडिहा को 5 वर्ष की कठोर कैद और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की धनराशि में से 3 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएं।</span></p><p>मामला वर्ष 2018 का है। अभियोजन के अनुसार दुद्धी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 16 मई 2018 को थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 12 मई की रात लगभग 9 बजे उनकी 17 वर्षीय बेटी शौच के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। खोजबीन करने पर पता चला कि गांव का ही सुरेश उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। जब सुरेश के घर पूछताछ की गई तो उसकी पत्नी ने बताया कि वह घर पर नहीं है।</p><p>तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, 10 गवाहों के बयान और समस्त पत्रावली के अवलोकन के बाद अदालत ने सुरेश को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।</p><p><b>अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।</b></p>