<p><br></p><h2>सिंगरौली विधायक ने सोनभद्र के साहित्यकार एवं समाजसेवी कविवर अवधबिहारी 'अवध' को किया सम्मानित, पद्मश्री सम्मान देने की रखी मांग</h2><p><strong>अवधेश कुमार गुप्ता</strong><br><b>मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले</b> के बहुचर्चित विधायक <strong>रामनिवास शाह</strong> ने सोनभद्र जनपद के मूल निवासी सुप्रसिद्ध युवा साहित्यकार एवं समाजसेवी <strong>कविवर अवधबिहारी 'अवध'</strong> के सामाजिक और साहित्यिक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें बैढ़न स्थित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया। इस दौरान विधायक शाह ने भारत सरकार को पत्र लिखकर कविवर अवध को <strong>प्रतिष्ठित पद्मश्री उपाधि से अलंकृत करने की मांग</strong> भी की।</p><h3>संस्कारशाला के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों का जीवन संवारा</h3><p>बताते चलें कि कविवर अवधबिहारी 'अवध' ने वर्षों से <strong>संस्कारशाला का आयोजन</strong> कर हजारों विद्यार्थियों के जीवन में नैतिक मूल्यों और सुसंस्कारों का संचार किया है। ये कार्यक्रम सिंगरौली जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में नि:शुल्क आयोजित किए जाते हैं। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों के जीवन में सद्गुण, सद्भाव और सकारात्मक सोच का विकास हुआ है।</p><p>विधायक शाह ने कहा कि जब समाज में नैतिकता का अभाव होता जा रहा है, ऐसे समय में अवध जी द्वारा चलाई जा रही यह <strong>संस्कारशाला ज्ञान गंगा की पावन धारा</strong> की तरह कार्य कर रही है। यही कारण है कि वे पद्मश्री उपाधि के लिए सर्वथा उपयुक्त व्यक्तित्व हैं।</p><h3>बहुमुखी योगदान</h3><p>कविवर अवधबिहारी 'अवध' केवल साहित्य तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि उन्होंने <strong>अध्यात्म, आयुर्वेद, कृषि और काव्य</strong> जैसी विभिन्न विधाओं में भी समाज को निरंतर अपना योगदान दिया है। समाज सेवा के प्रति उनकी निस्वार्थ भावना ने उन्हें एक महान और उदार व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है।</p><p>इसी समर्पण और योगदान से प्रभावित होकर न केवल विधायक रामनिवास शाह बल्कि अनेक राजनेता, शिक्षा संस्थान और आमजन भी भारत सरकार को पत्र लिखकर <strong>अवध जी को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित करने की मांग</strong> कर चुके हैं।</p>