<p><b><span style="font-size: 24px;">स्कूलों में वेतन बहाली पर शिक्षकों में खुशी की लहर, बीएसए के आदेश पर जताया आभार</span></b></p><p> <b>प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रयास लाए रंग, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने की अपील</b></p><p><br></p><p><b>गुरमा, सोनभद्र।</b></p><p>जनपद सोनभद्र के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सतत प्रयासों के बाद आखिरकार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने उन शिक्षकों का मई माह का अवरुद्ध वेतन बहाल करने का आदेश जारी कर दिया है, जिनके विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति 70 प्रतिशत से कम रही थी। इस फैसले से जनपद के शिक्षकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।</p><p><br></p><p>बीएसए मुकुल आनंद पांडेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शिक्षकों से बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने को लेकर स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में उपस्थिति के प्रति शिक्षकों को और अधिक जिम्मेदार बनना होगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके।</p><p><br></p><p>वेतन बहाली आदेश के बाद उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए कार्यालय पहुंच कर उनका आभार जताया। प्रतिनिधिमंडल में रणजीत कुमार, विनोद कुमार, अजय कुमार कुशवाहा और विनोद कुमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे।</p><p><br></p><p>इस अवसर पर शिक्षक संघ के जिला महामंत्री रविंद्र नाथ चौधरी ने सभी शिक्षक साथियों से अपील की कि वे अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जिले की पहचान और गुणवत्ता तभी बढ़ेगी जब हम सभी जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभाएं।</p><p><br></p><p>शिक्षकों की मांग लंबे समय से चली आ रही थी कि उपस्थिति आधारित वेतन रोकने से अधिक नुकसान छात्रों को होता है। बीएसए के इस फैसले से शिक्षकों में न केवल संतोष है, बल्कि उनमें भविष्य में बेहतर परिणाम देने की प्रेरणा भी जागी है।</p><p><br></p><p>निष्कर्ष:</p><p>बीएसए द्वारा लिया गया यह निर्णय जहां शिक्षकों के हित में है, वहीं यह शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। शिक्षक अब न केवल वेतन को लेकर निश्चिंत हुए हैं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी को और बेहतर तरीके से निभाने के लिए संकल्पित भी दिखाई दे रहे हैं।</p><div><br></div>