<p><b><span style="font-size: 24px;">मारकुंडी ग्राम पंचायत में पीडब्ल्यूडी सड़क मरम्मत में खुली लूट! घटिया सामग्री से उखड़ने लगा नया मार्ग, मानकों की उड़ रहीं धज्जियां</span></b></p><p><span style="font-size: 18px;"><b>कुछ ही महीनों में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती है सड़क</b></span></p><p><span style="font-size: 18px;"><b>•~ ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय तकनीकी व गुणवत्ता जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग</b></span></p><p><span style="font-size: 18px; background-color: rgb(255, 255, 0);"><b>अवधेश कुमार गुप्ता</b></span></p><p><span style="font-size: 18px;"><b>सोनभद्र।</b></span></p><p><b>रॉबर्ट्सगंज</b> विकासखंड अंतर्गत <b>मारकुंडी ग्राम पंचायत में</b> पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए जा रहे सड़क मरम्मत कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कुशहिया, पेडरहवा, सात नंबर पिरहवा<b>, गुरमा खदान, कब्रिस्तान से होते हुए गुरमा घाघर पुल, शीतला मंदिर एवं मीनाबाजार तक बनाए जा रहे मार्ग में निर्माण</b> मानकों की <u><b>खुलेआम</b></u> अनदेखी की जा रही है।</p><p><b>स्थानीय ग्रामीणों</b> का आरोप है कि जहां सड़क निर्माण में मानक के अनुसार मजबूत सोलिंग (पत्थर की परत) <b>बिछाई जानी चाहिए थी,</b> वहां मिट्टीदार सफेद पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई स्थानों <u><b>पर तो भस्सी और लाल मिट्टी</b></u> मिश्रित पत्थर <b>डालकर केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है।</b></p><p>सड़क की मजबूती के लिए आवश्यक तारकोल (बिटुमिन) की मात्रा भी बेहद कम डाली जा रही है, जबकि नियमों के अनुसार इसकी पर्याप्त मात्रा अनिवार्य है। वहीं छर्री का अधिक प्रयोग कर कार्य को जल्दबाजी में निपटाने की कोशिश की जा रही है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब है कि सड़क निर्माण के दौरान ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है।</p><p>ग्रामीणों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो यह सड़क बरसात से पहले या दो-तीन महीनों के भीतर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएगी। सड़क के किनारों पर किया जा रहा पेंटिंग कार्य भी मानकों के विपरीत है—न मोटाई का ध्यान रखा जा रहा है और न ही गुणवत्ता का।</p><p>कुल मिलाकर सड़क मरम्मत का यह कार्य कागजों में मजबूत, लेकिन हकीकत में बेहद कमजोर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराया जा रहा है, इसके बावजूद न तो गुणवत्ता की जांच हो रही है और न ही नियमित निरीक्षण। कार्यदायी संस्था मनमाने ढंग से काम कर रही है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।</p><p><b>स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क मरम्मत कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच </b>कराई जाए, प्रयोग की गई सामग्री की लैब जांच हो तथा दोषी ठेकेदारों और <b>लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मानक </b>के अनुरूप दोबारा सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को <b>सुरक्षित</b> और टिकाऊ मार्ग मिल सके।</p><p>अब बड़ा <b>सवाल</b> यह है कि क्या संबंधित <span style="background-color: rgb(255, 255, 0);"><b>विभाग समय रहते इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेगा, या फिर यह सड़क भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर कुछ ही समय में उखड़ जाएगी?</b></span></p>