<p><b>हेमंत सोरेन की नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने राज्य के सभी घरेलू एवं शहरी उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है-</b></p><p>सरकार की मुफ्त बिजली योजना के तहत, सभी उपभोक्ताओं को 200 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का लाभ लगभग 35 लाख उपभोक्ता उठा रहे हैं, जो राज्य की एक बड़ी आबादी को कवर करता है। सरकार ने इस मद में 5059 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रस्ताव दिया है, जो इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है। यह योजना राज्य के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत होगी और उनके जीवन को आसान बनाने में मदद करेगी।</p><p>राज्य सरकार की मुफ्त बिजली योजना जारी रहेगी, जिससे राज्य के सभी घरेलू एवं शहरी उपभोक्ताओं को 200 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का लाभ लगभग 35 लाख उपभोक्ता उठा रहे हैं। ऊर्जा विभाग ने इस मद में पांच हजार पांच करोड़ नौ लाख रुपये व्यय करने का प्रस्ताव दिया है। सरकार का लक्ष्य राज्य में गुणवत्तापूर्ण निर्बाध बिजली आपूर्ति करना है।</p><p><br></p><p><u>झारखंड संपूर्ण बिजली आच्छादन योजना के कार्यान्वयन से राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण बिजली की उपलब्धता में वृद्धि हुई है। इस योजना के तहत कृषि उपभोक्ताओं के लिए नए विद्युत संरचनाओं का निर्माण भी किया गया है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल सके। इसके अलावा, राज्य में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के प्रयास के तहत क्षमता संवर्धन का कार्य भी चल रहा है। पतरातू में 4000 मेगावाट का सुपर थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे राज्य की बिजली की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी ।</u></p><p><u><b>झारखंड में बिजली संरचना को बढ़ाने के प्रयास जारी</b></u></p><p><u><br></u></p><p><u>झारखंड सरकार ने राज्य में बिजली की संरचना को बढ़ाने और विस्तार करने के लिए कई योजनाओं को लागू किया है। मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना के तहत ग्रामीण और शहरी विद्युतीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 500 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध किया गया है।</u></p><p><u><br></u></p><p><u><b>पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर पंपसेट की आपूर्ति</b></u></p><p><u><br></u></p><p><u>नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की तरफ से संचालित पीएम-कुसुम योजना के तहत राज्य में सिंचाई कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 में स्वीकृत 10,000 सोलर पंपसेट की आपूर्ति, अधिष्ठापन एवं पांच वर्ष के रखरखाव की योजना के लिए राज्य अनुदान के रूप में 150 करोड़ का बजटीय उपबंध किया गया है।</u></p><p><u><br></u></p><p><u><b>ऊर्जा योजनाओं के लिए बजट प्रस्ताव</b></u></p><p><u><br></u></p><p><u>वर्ष 2025-2026 में विद्युत संचरण संबंधी परियोजनाओं पर कार्य जारी रखने के लिए बजटीय उपबंध का प्रस्ताव है। ऊर्जा योजनाओं के लिए वर्ष 2025-2026 में नौ हजार 894 करोड़ 35 लाख 53 हजार रुपये का बजट प्रस्तावित है।</u></p><p><u><br></u></p><p><u><b>जल जीवन मिशन के तहत घरों तक जल पहुंचाने की योजना</b></u></p><p><u><br></u></p><p><u></u></p><p><u>राज्य के हिस्से की राशि से जारी रहेगी घरों तक जल पहुंचाने की योजना जल जीवन मिशन के तहत राज्य के 62 लाख 55 हजार ग्रामीण परिवारों को घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। विधानसभा में राज्य का बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबतक 34.17 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।</u></p>