<p><b>निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी राहत: योजना आवेदन व पंजीकरण नवीनीकरण की समय-सीमा अब सितम्बर 2025 तक बढ़ी</b></p><p><br></p><p><b><font color="#0000ff">पिपरी/सोनभद्र, जून 2025</font></b></p><p>निर्माण क्षेत्र से जुड़े लाखों श्रमिकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा श्रमिकों के पंजीकरण नवीनीकरण एवं योजनाओं के लिए आवेदन की समय-सीमा अब सितम्बर 2025 तक बढ़ा दी गई है। यह निर्णय उन पंजीकृत श्रमिकों के हित में लिया गया है, जो बोर्ड के वेबपोर्टल के लंबे समय तक बंद रहने के कारण समय पर आवेदन नहीं कर सके थे।</p><p><br></p><p>उल्लेखनीय है कि बोर्ड का वेबपोर्टल 9 फरवरी 2024 से तकनीकी कारणों से बंद था, जिससे हजारों निर्माण श्रमिक योजना लाभ से वंचित रह गए। पूर्व में इस कारण से मार्च 2025 तक आवेदन करने की छूट दी गई थी, जिसे अब बढ़ाकर सितम्बर 2025 कर दिया गया है।</p><p><br></p><p><b>विस्तारित छूट के अंतर्गत मुख्य बिंदु:</b></p><p><br></p><p><font style="background-color: rgb(0, 255, 0);" color="#ff00ff">1. बोर्ड की समस्त योजनाओं के तहत आवेदन – अब श्रमिक सितम्बर 2025 तक योजना आवेदन कर सकेंगे, चाहे पूर्व निर्धारित समयसीमा समाप्त हो चुकी हो।</font></p><p><br></p><p><br></p><p>2. श्रमिक पंजीयन नवीनीकरण – जिन श्रमिकों का पंजीकरण नवीनीकरण नहीं हो पाया था, उन्हें भी अब सितम्बर 2025 तक यह <b>सुविधा उपलब्ध रहेगी।</b></p><p><b><br></b></p><p><b>कारण और पृष्ठभूमि:</b></p><p><br></p><p><b>बोर्ड सचिव पूजा यादव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, समय पर आवेदन न कर पाने के कई कारण सामने आए हैं जैसे—</b></p><p><b><br></b></p><p><b>श्रमिक पंजीकरण में त्रुटि</b></p><p><b><br></b></p><p><b>पारिवारिक विवरण फीड न होना</b></p><p><b>जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र की अनुपलब्धता</b></p><p><b>आधार सत्यापन की समस्या</b></p><p><b>आवश्यक दस्तावेजों की कमी</b></p><p><b>सूचना का अभाव</b></p><p><br></p><p><br></p><p><b>इन सभी कारणों को दृष्टिगत रखते हुए बोर्ड ने श्रमिक हित में यह समय-सीमा विस्तार का निर्णय लिया है।</b></p><p><br></p><p><b>चेतावनी: सितम्बर 2025 के बाद नहीं मिलेगी छूट</b></p><p><br></p><p><font color="#0000ff" style="background-color: rgb(255, 255, 0);">प्रेस विज्ञप्ति में यह स्पष्ट किया गया है कि सितम्बर 2025 के बाद किसी भी श्रमिक को कोई छूट नहीं दी जाएगी और ऐसे किसी भी दावे को मान्य नहीं किया जाएगा।</font></p><p><br></p><p><b>प्रचार-प्रसार हेतु विशेष निर्देश</b></p><p><b>सभी संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सूचना को—</b></p><p><b>कार्यालयों के सूचना पटों पर चस्पा करें</b></p><p><b>लेबर अड्डों, सीएससी केन्द्रों पर प्रमुखता से प्रदर्शित करें</b></p><p><b>सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अधिकतम प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें</b></p><p><br></p><p><br></p><p><font style="background-color: rgb(255, 0, 0);" color="#ffff00">साथ ही सभी प्राधिकृत पंजीयन अधिकारियों, सीएससी संचालकों, और जनपद व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को भी समन्वय स्थापित कर श्रमिकों को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।</font></p><p><br></p><p><b>तकनीकी सहयोग व समाधान के भी निर्देश</b></p><p><br></p><p><b>बोर्ड की तकनीकी टीम को भी निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी शिकायत या समस्या के समाधान में तत्पर रहें। यदि पूर्व में कोई प्रार्थना पत्र लंबित है तो संबंधित श्रमिक से संपर्क कर जानकारी उपलब्ध कराई जाए।</b></p><p><br></p><p><b><font color="#ff0000">यह निर्णय न केवल श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायक होगा, बल्कि डिजिटल व्यवस्था की बाधाओं के कारण उत्पन्न असुविधा को भी संतुलित करेगा। यह कदम सरकार की श्रमिक हितैषी नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।</font></b></p>