<p><b style=""><span style="font-size: 24px;">उपेक्षा की भेंट चढ़ा कुरहुल का उप स्वास्थ्य केंद्र व जन आरोग्य केंद्र, भवन हो रहा जर्जर, ग्रामीणों में आक्रोश</span></b></p><p><b><i><u><font color="#0000ff">- रिपोर्ट: अवधेश कुमार गुप्ता</font></u></i></b></p><p><font color="#ff0000"><br></font></p><p><b>सोनभद्र।</b></p><p><b style="color: rgb(255, 0, 0);"><font style="background-color: rgb(255, 255, 0);">राबर्ट्सगंज विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरहुल में बना उप स्वास्थ्य केंद्र और जन आरोग्य केंद्र सरकारी उदासीनता का शिकार होता जा रहा है।</font></b></p><p><b style="color: rgb(255, 0, 0);"><font style="background-color: rgb(255, 255, 0);"><br></font></b> </p><p><font style="background-color: rgb(255, 255, 0);" color="#0000ff"><b>वर्षों पहले ग्रामीणों की सुविधा हेतु बनाए गए ये दोनों स्वास्थ्य केंद्र अब लावारिस हालत में पड़े हैं। न तो इनमें कोई स्थायी चिकित्सा स्टाफ तैनात है और न ही नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं।</b></font></p><p><font color="#ff0000"><br></font></p><p>स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, लगभग एक वर्ष पूर्व जन आरोग्य केंद्र की संचालिका की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से यह केंद्र बंद पड़ा है। वहीं उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति भी अलग नहीं है—चार माह पूर्व यहां तैनात एएनएम का तबादला हो गया, लेकिन तब से आज तक किसी की नियुक्ति नहीं की गई है।</p><p><br></p><p><b>महीने भर लटका रहता है ताला</b></p><p>ग्रामीणों का कहना है कि सप्ताह में कभी-कभार एक एएनएम टीकाकरण के लिए आती हैं, लेकिन इसके बाद पूरे महीने तक केंद्र पर ताला लटकता रहता है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दर्शाती है, बल्कि सरकारी संसाधनों की बर्बादी की ओर भी इशारा करती है।</p><p><b><br></b></p><p><b>बिल्डिंग को पहुंचाया जा रहा नुकसान</b></p><p>स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि भवन की देखरेख न होने के कारण अब अराजक तत्व इसकी संपत्ति को नुकसान पहुँचा रहे हैं। दरवाजे-खिड़कियाँ तोड़ी जा रही हैं और भवन धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहा है। अगर जल्द ही यहां स्थायी नियुक्तियाँ नहीं की गईं, तो यह केंद्र पूरी तरह से बेकार हो जाएगा।</p><p><br></p><p><b>भूमिदाता किसानों में रोष</b></p><p>सबसे बड़ी नाराजगी उन किसानों में है, जिन्होंने जनहित में अपनी जमीन देकर इन केंद्रों की स्थापना कराई थी। अब जब केंद्र पूरी तरह से निष्क्रिय हैं और ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा, तो भूमिदाताओं ने भी जिला प्रशासन से दो टूक कहा है कि या तो केंद्रों को पुनः क्रियाशील कराया जाए, अन्यथा उनकी जमीन वापस की जाए।</p><p><br></p><p><u><b>ग्रामीणों ने की जिलाधिकारी से मांग</b></u></p><p>ग्रामीणों और भूमिदाता किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उप स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल एएनएम की तैनाती की जाए और जन आरोग्य केंद्र को पुनः संचालित किया जाए, ताकि ग्रामवासियों को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।</p><p><br></p><p><br></p><p><b><u style="background-color: rgb(0, 0, 255);"><font color="#ffff00">ग्राम कुरहुल के स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल स्थिति सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर करती है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह सिर्फ भवनों का नहीं, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य अधिकारों का भी क्षरण होगा। प्रशासन से मांग है कि इस मामले को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र कार्यवाही की जाए।</font></u></b></p><div><br></div>