<p><b><span style="font-size: 24px;">रेलवे विभाग की मनमानी के खिलाफ किसानों का फूटा गुस्सा, 1954 के नक्शे के आधार पर भूमि अतिक्रमण का विरोध</span></b></p><p><br></p><p><br></p><p><b>सोनभद्र।</b></p><p>सदर विकास खण्ड के अंतर्गत मारकुंडी ग्राम सभा में इन दिनों <span style="background-color: rgb(255, 255, 0);">राजस्व विभाग द्वारा भूमि चकबंदी का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में रेलवे विभाग द्वारा वर्ष 1954 के हस्तलिखित नक्शे के आधार पर सैकड़ों गरीब किसानों की कृषि योग्य भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। इससे आक्रोशित किसानों ने मंगलवार को ग्राम प्रधान उधम सिंह के नेतृत्व में जिला अधिकारी कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।</span></p><p><br></p><p>किसानों ने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि पीढ़ियों से वे इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं और यह भूमि चकबंदी प्रक्रिया में उनके नाम दर्ज भी है। बावजूद इसके, रेलवे विभाग द्वारा न केवल जबरन जेसीबी से खुदाई कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, बल्कि किसानों की उपजाऊ भूमि पर रेलवे सामग्री डालकर कब्जा किया जा रहा है।</p><p><br></p><p><span style="background-color: rgb(255, 0, 0);"><font color="#00ff00"><b>किसानों के पुराने संपर्क मार्ग को भी बंद कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है। विरोध करने पर किसानों को धमकियां भी दी जा रही हैं, जिससे गांव में भय और असंतोष का माहौल व्याप्त है।</b></font></span></p><p><br></p><p>सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान उधम सिंह व अन्य किसान मौके पर पहुंचे और जेसीबी से हो रहे खुदाई कार्य को तत्काल रुकवाया। ग्राम प्रधान ने कहा कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया व स्पष्ट नक्शे के, इस प्रकार किसानों की भूमि पर कब्जा अनुचित है और यह गरीब किसानों के हक पर खुला हमला है।</p><p><br></p><p><font color="#00ff00" style="background-color: rgb(255, 0, 0);"><b>इस अवसर पर सैकड़ों किसान एकजुट होकर उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से सुखराम महेंद्र, संतराम यादव, बृजेश, हेमंत कुमार, संजय, विजय विश्वकर्मा, राममूरत यादव, राजेश, विनय कुमार और बिहारी आदि मौजूद रहे।</b></font></p><p><br></p><p>किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।</p>