<p><b>ब्यूरो चीफ मिर्जापुर  कमलेश कुमार सिंह </b><br></p><p><b>भैसवार (घोरावल), सोनभद्र:</b> घोरावल विकासखंड के भैसवार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं और गड़बड़ियों के विरोध में ग्रामीणों द्वारा बछनार बीरबाबा देवस्थान सिमरिया बस्ती में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। बीते दो दिनों से किसान क्रमिक अनशन पर बैठे हैं, लेकिन अब तक न तो चकबंदी विभाग के कोई अधिकारी और न ही तहसील से कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा है। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के ग्राम इकाई अध्यक्ष रामपाल पटेल ने बताया कि उन्होंने चकबंदी अधिकारियों को पहले ही इस अनियमितता के बारे में अवगत करा दिया था।</p><p> उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों की मांगे पूरी नहीं की जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि जल्द ही कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलता है तो किसान जिला मुख्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठने को बाध्य होंगे।</p><p>रामपाल पटेल ने कहा, "भैसवार गांव की चकबंदी को सर-ए-नौ से प्रारंभ किया जाए, तभी निष्पक्ष और पारदर्शी चकबंदी संभव हो सकेगी।" भारतीय किसान यूनियन के सक्रिय सदस्य राम मूरत मौर्य ने भी चकबंदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की बात कही। उन्होंने कहा, "जब तक चकबंदी में व्याप्त सभी गड़बड़ियों को पूरी तरह दूर नहीं किया जाता, तब तक इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। हम सभी किसान अपने अधिकारों की रक्षा के लिए धरने पर डटे रहेंगे।"</p><p>इस क्रमिक अनशन में तेतरा देबी, भागीरथी, कमलावती, जालिम, छोटेलाल कोल, रघुराई, हंसराज मौर्य, घासीराम यादव, गुरु चरण, बुद्धू यादव, संजय पाल, चंद्रशेखर सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे और आंदोलन को समर्थन दिया।</p><p><b>ग्रामीणों की मुख्य मांगें:</b></p><p>--चकबंदी की प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाए।</p><p>--पुराने निर्णयों को रद्द कर पुनः चकबंदी की शुरुआत की जाए।</p><p>--चकबंदी से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।</p><p>गांव के किसानों की एकजुटता और संघर्ष यह स्पष्ट कर रहा है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।</p>