<p>बिहार सरकार ने पर्यटन विभाग के बजट में बड़ी वृद्धि की है, <u>जो 2.5 गुना तक बढ़ा दी गई है। वर्ष 2024-25 में पर्यटन विभाग का बजट 462.44 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2025-26 में 1103 करोड़ रुपये कर दिया गया है।</u> इस वित्तीय वर्ष में पर्यटन विभाग के लिए आवंटित राशि का उपयोग मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में किया जाएगा:</p><p><br></p><p>-<b> धार्मिक पर्यटन स्थलों का विकास: </b>बिहार में कई प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जिनमें से कुछ को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। इन स्थलों के विकास से न केवल पर्यटन में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।</p><p>- <b>इको-टूरिज्म: </b>इको-टूरिज्म एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें पर्यावरण संरक्षण और स्थायी विकास पर जोर दिया जाता है। बिहार में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने से न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।</p><p><b>-होटल निर्माण:</b> पर्यटकों के लिए उचित आवास सुविधाओं का होना अत्यंत आवश्यक है। होटल निर्माण से न केवल पर्यटकों को सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।</p><p><br></p><p>इसके अलावा, बिहार सरकार ने छठ पूजा के दौरान धार्मिक पर्यटन योजना शुरू करने की घोषणा की है। यह योजना बिहार के धार्मिक पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p><p><span style="font-family: "Anek Devanagari", sans-serif; font-size: 17px;">इस बार के बजट ने पर्यटन विभाग की झोली भर दी है। राज्य सरकार ने पर्यटन विभाग के बजट में करीब ढाई गुना की बंपर वृद्धि की है।</span></p><p><span style="font-family: "Anek Devanagari", sans-serif; font-size: 17px;"><br></span></p><p><font face="Anek Devanagari, sans-serif"><span style="font-size: 17px;">पर्यटन विभाग का बजट वर्ष 2024-25 में 462.44 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 1103 करोड़ से अधिक कर दिया गया है। स्कीम मद में राशि 420 करोड़ थी जिसे 1049 करोड़ कर दिया गया है।</span></font></p><p><font face="Anek Devanagari, sans-serif"><span style="font-size: 17px;">इस राशि का इस्तेमाल धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास, इको-टूरिज्म एवं होटल निर्माण आदि पर किया जाएगा। छठ पूजा के अवसर पर धार्मिक पर्यटन योजना की शुरुआत की जाएगी।</span></font></p><p><font face="Anek Devanagari, sans-serif"><span style="font-size: 17px;"><br></span></font></p><p></p><p>बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। *पर्यटन विभाग का बजट बढ़ाया गया है*, जो वर्ष 2024-25 में 462.44 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 1103.91 करोड़ रुपये कर दिया गया है। स्कीम मद में राशि भी बढ़ाकर 420 करोड़ से 1049 करोड़ रुपये कर दी गई है।</p><p><br></p><p><b>पर्यटकों के लिए होम स्टे की सुविधा</b></p><p>बिहार आने वाले पर्यटकों को होम स्टे के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जहां पर्यटक नजदीक से छठ पर्व की परंपरा को जान सकेंगे। इसके लिए भी राज्य सरकार हरसंभव मदद करेगी।</p><p><br></p><p><b>महिलाओं को पर्यटन गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा</b></p><p>महिलाओं को पर्यटन गाइड के रूप में भी प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि उनके लिए इस क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर खुल सकें।</p><p><br></p><p><b>पर्यटन स्थलों का विकास</b></p><p>सारण जिले के सोनपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कोरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। गया जिले के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में 61.96 करोड़ से पर्यटकीय अवसंरचनाओं का विकास किया जाएगा। सहरसा के मत्स्यगंधा झील और आसपास पर्यटन सुविधा बढ़ाने पर करीब 98.65 करोड़ खर्च किए जाएंगे।</p><p><br></p><p><b>इको टूरिज्म को बढ़ावा</b></p><p>कैमूर के करचमट को एडवेंचर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के नए कार्यालययीावन के निमिार्ण पर 28.87 करोड़ खर्च होंगे जबकि बोधगया के समीप सीलौंजा में सात आश्चर्यों की प्रतिकृतियों के निर्माण पर 148.51 करोड़ खर्च होंगे।</p><p><br></p><p><b>फाइव स्टार होटलों का निर्माण</b></p><p>पटना में बनने वाले तीन फाइव स्टार होटलों का निर्माण भी नए वित्तीय वर्ष में शुरू होने की उम्मीद है। होटल पाटलिपुत्र अशोक, बांकीपुर बस पड़ाव और सुल्तान पैलेस परिसर में बनने वाले पांच सितारा होटलों के निर्माण के लिए टेंडर भी प्रकाशित किया जा चुका है।</p>